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दुर्भाग्य की बात है की, आंबेडकर मिशन का नाम लेनेवाले नेता संविधान बदलनेवाले भाजप के साथ है…!

दुर्भाग्य की बात है की, आंबेडकर मिशन का नाम लेनेवाले नेता संविधान बदलनेवाले भाजप के साथ है…!

संविधान के शिल्पकार भारतरत्न डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर ने लिखा संविधान बदलने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरी कोशिश कर रहा है. और इस देश की काँग्रेस, समाजवादी औंर वाम दल संविधान बचाने के लिए लढ रहे है. पर दुःख की बात यह है की, संघ की इस संविधान बदलने के साजिस को डॉ.आंबेडकर के मशीन का नाम लेके काम करनेवाले नेता और उनके दल सपोर्ट कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोटों मे विभाजन करके भाजप को लाभ पोहचाने के लिए बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावतींने मुस्लिम को भाजप के इशारेपर 80 में से 50 सीट देने की तयारी सुरु की हैं. तो बिहार में रामविलास पासवान के लाल चिराग पासवान, महादलित नेता जतीनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाह संविधान को बदलनेवाले भाजप के साथ हात मिलाकर खडे है.
संघ औंर भाजप की हर देश विरोधी पहल का काँग्रेस, समाजवादी औंर वाम दल पूरी ताकद से विरोध कर रही है. उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादवने मोर्चा संभाला है, तो बिहार मे राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव संघ/भाजप को सत्ता से बेदखल करने के लिये तयार है. औंर सत्ता की लालच में आंबेडकर मिशन का नाम लेकर उत्तर प्रदेश में मायावती, ओम प्रकाश राजभर, तो बिहार में चिराग पासवान, पशुपती कुमार पासवान, जतीनराम मांझी औंर उपेंद्र कुशवाह देश, संविधान ओर लोकशाही विरोधी भाजप के साथ् खडे है.
महाराष्ट्र एक पुरोगामी राज्य है. फुले, शाहु, आंबेडकर औंर छत्रपती शिवाजी महाराज की भूमी है. इस भूमीने देश के परिवर्तन की लढाई मे महत्त्वपूर्ण योगदान हमेशा दिया हैं. महाराष्ट्र से ही महात्मा गांधी ने ब्रिटीश सरकार कों चले जाव का कहा था. पर दुःख की बात है की, फुले, शाहु ,आंबेडकर औंर छत्रपती शिवाजी महाराज का ही नाम लेकर कुछ लोग संघ औंर भाजप का समर्थन कर रहे हैं. उसमे दलित नेता भी है. रामदास आठवले भाजप का समर्थन कर रहे हैं. इतना ही नहीं डॉ. आंबेडकर के पोते एकला चलो की राजनीती कर रहे हैं. पिछले लोकसभा चु नावं मे यही रास्ता उन्होंने अपनाया था. औंर भाजप को लाभ पोहचाया था. इसबार भी यही रास्ता अपनाने का मन बनाया है. पर आज इंडिया गठबंधन से अलग हो कर चलना इतना आसान नहीं है. इसलिये वो बहाने धूंड रहे. कवाडे और गवई गुट का राजनीती में कोई वजुद नहीं रहा. पर वो भी सत्ता के लालच में भाजप को मदत कर रहे हैं.
पर एक बात है. इतिहास कभी किसी को माफ नहीं करता. पुरा संघ औंर हिंदुत्ववादी परिवार माफीवीर सावरकर को देशभक्त साबित करने के लिये लगा है. पर इतिहास के पन्ने बार बार गद्दार कह रहे हैं. इसबार, इस चुनाव में भी संघ का अजेंडा औंर भाजप के साथ जो खडे है उसका इतिहास लिखा जायेगा.

– राहुल गायकवाड,
(महासचिव समाजवादी पार्टी, महाराष्ट्र प्रदेश)

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