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बात केवल एक पुतला गिरने की नहीं…!

बात केवल एक पुतला गिरने की नहीं…!

       मोदी :- जिसे देखता है, उसे खतम करता है, बेच देता है. जिसे बनाता है, वो बिघड जाता है, गिर जाता है. फिर वो कूछ भी हो. देश की संसद हो, या राम मंदिर हो, सडके हो, या ब्रिज हो…!

       वो, वह सब कूछ बेच देता, जो उसके नजर मे आता है, फिर वो रेल्वे हो, एअरपोर्ट हो, बँक हो, या कोयला खदान, जंगल, पहाड – पर्वत भी क्यू ना हो…! बेच ही देता है. आदत से मजबूर है…..! मोदी जिसे छुता है वो भी , एक तो खतम होता है, या गिर जाता है. महाराष्ट्र के मालवण मे राजकोट किल्लेपर एक साल पहिले ४ डिसेंबर 2023 में नौदल दिन के अवसरपर मोदीजी के हस्ते छत्रपती शिवाजी महाराज के भव्य दिव्य पुतले का अनावरण हुआ था. वो भी गिर गया….! पनवती उसे ही कहते है….!

      २०१४ से देश की हर वो चीज या तो बेची जा रही, या गिर रही, इसमे देश का आत्मसन्मान, शान और गौरव भी सामिल है. महिलायों की इज्जत भी है. देश का रुपया भी कही का नहीं रहा. जबसे मोदी आये है, तब से रुपया को गिरने की आदत से लगी है. वो रुकने का नाम भी नहीं लेता. जैसे रुकना वो भुल गया हो….!

      पिछले दस सालो में मोदीने क्या किया, क्या बनाया, क्या उखाडा कोई मायकालाल बोल नहीं सकता. और वो दिखता भी नहीं. क्यू कि वो सब हकिकत से परे है. जो बनाया नहीं, कूछ किया ही नहीं, फिर दिखेगा कैसे. सब जुमला मात्र है….!
मोदी का राजनीतिक उदय भी मुसिबतो के साथ ही हुआ है. जैसे मोदी गुजरात के सीएम बने और गुजरात की फ्हचान दंगोवाला राज्य के नाम से दुनियाभर में हो गयी. जलता हुआ गुजरात पूरी दुनियाने देखा. मंजर भी ऐसे थे की, अगर हिटलर जिंदा होता, तो शरम के मारे चुरचूर हो के मर जाता.

      देश के राजनीती में भी मोदी की दस्तक अकेले की नहीं, उसके साथ सब बुराई आ गयी. बेरोजगारी आ गयी, मेहगाई और परेशानी भी आ गयी. हजारो युवा हर साल लाखो की तादात में बेरोजगार हो रहे हैं. और मेहगाई के मार से घर घर के चुल्हे दम तोड रहे हैं…!
देश का किसान, मजदूर परेशान है. युवा परेशान है. औंर मोदी है, तो यह परेशानी मुमकीन है….! देश हिंदु – मुस्लिम के राजनीति से भी परेशान है.

     जो आदमी अपने बिबी को संभाल न सका, उसके हात में हमने पुरा देश दिया है…, तो उसकी किंमत भी हमे ही चुकानी पडेगी, और हम चुका भी रहे है….! यह मुसिबत हमने खुद मोल ली है….!
     अब बात एक पुतला गिरने की नहीं, इस मुसिबत से छुटकारा पाने की होनी चाहिए. उसकी अब जरुरत है…!

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– राहुल गायकवाड,
(महासचिव, समाजवादी पार्टी, महाराष्ट्र प्रदेश)

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