सामाजिक 1881 minute read वतन के रखवाले ( खासदार) 3waysmediadmin February 2, 2024 Post Views: 233 लोकतंत्र में जनता सार्वभौमना जाती नाधर्म ना पंथ नाही कौमजनता के प्रतिनिधि वतन के रक्षकदेश जनता के हित के हो वह समर्थकसार्वजनिक हित सबको समान संधीकमान जिसके हात,नियत ना हो गंदीभेदभाव ना हो कीसीपर कोई पाबंदीसंविधान लोकतंत्र की हो रजा मंदीसंविधान कानून का हो पालनखासदार से देश कार्य परिचालनआपकी आशा आकांक्षा निर्धारणईसिलीये उनका चुनाव,हो जाता असाधारणभलेही हो पांच साल की हो बातभविष्य से ना हो विश्वासघातजीवन पर कभी भी हो सकता आघातईसिलीये वर्तमान की करो बातएक आदमी एक वोट समानताआपही हो आपके भविष्य निर्मातावोट देने से पहले विवेक से रखो वास्तादेश हित चुनना है, पहले देश से है रिस्ता– वसंत गवळी गोंदिया Facebook 0 WhatsApp0 Messenger0 Twitter 0 Print0 0Shares