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राहुल गांधी को चिठ्ठी लिखनेवाले सब के सब उच्च जातीय और भाजप, संघ परिवार के लाभार्थी ……!

राहुल गांधी को चिठ्ठी लिखनेवाले सब के सब उच्च जातीय और भाजप, संघ परिवार के लाभार्थी ……!

चिठ्ठीवीर सेवा निवृती के बाद भाजप और संघ मे सामिल होकर सत्ता के लाभार्थी बने!

        राहुलजी गांधी और उन्होंने चोर चुनाव आयोग पर जो सबूत के साथ आरोप किये वो २७२ प्रतिष्ठित नागरिकों समज के बाहर विषय है. सत्ता के लाभार्थी और भ्रष्ट्राचारी सत्ता पक्ष का गुलाम रहता है. जी हुजुरी करता है. जो वो २७२ लोग कर रहे है. बाकी देश की १४० करोड जनता राहुल गांधी के साथ है. आज भले ही सत्ता के दबाव मे सच का आवाज दबा हो. पण उसकी दखल तो इतिहास जरूर लेगा ही. तब क्या होगा  ? इन २७२ लोगों मे १६ जज है. एस. एन. ढीगरा है. जो जज रहते हुये एक खाजगी कंपनी मे १५ लाख रुपये वेतन ले के नोकरी कर रहा था. न्याय को बेच रहा था. विक्रम सिंग, जो उत्तर प्रदेश मे DGP रह चुका है. चिठ्ठी से बदनामी होते ही, वो अब कह रहा है मुझे चिठ्ठी के बारे मे कुछ मालूम नहीं. तिसरा दिपक सिंघल है, जो गोमती रिव्हर कांड का मास्टर माईंड है. जिसने उत्तर प्रदेश मे मुख्य सचिव रहते हुये १५०० कोटी रुपयों का कांड किया था. २७२ मे से सब के सब तथाकथित उच्च जाती के है और भ्रष्ट्राचारी है.
      राहुलजी की चिठ्ठी लिखकर देश प्रति आस्था दिखनेवाले २७२ मे १६ भूतपूर्व जज रहे है, १२३ प्रशासकीय अधिकारी आयएएस, आयपीएस रह चुके है, और १३३ भूतपूर्व आर्मी के अधिकारी है, १४ उच्चायुक्त रह चुके है. मोदी सरकार के मंत्री हरदीप पुरी की पत्नी लक्ष्मी पुरी भी चिठ्ठी लिखनेवाली टोली मे सामिल है. वो उच्चायुक्त रह चुकी है. वो मोदी के साथ फोटो मे दिखायी दे रही है. इसमे कोई भी दलित, पिछडे वर्ग और मुस्लिम समाज से नहीं है. सब के सब उच्च जाती के है.
       राहुल गांधी चुनाव आयोग पर सबूत के साथ आरोप कर रहे है. और आरोप गंभीर है. और आरोप सच होने के कारण  आयोग जवाब नहीं दे रहा है. ऐसे वक्त ये २७२ जो खुद्द भ्रष्ट्राचारी है, वो देश के प्रति चिंता व्यक्त करते हुंये राहुलजी को जबाब मांग रहे है. इन मे से कुछ भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले चुके है. संजीव त्रिपाठी, जो रॉ के प्रमुख रह चुके है, और उनके कार्यकाल मे रॉ की गरिमा खतम हो चुकी है. सेवानिवृत्त होते ही उन्होंने राजनाथ सिंग के समक्ष भाजप मे प्रवेश किया है.
    भूतपूर्व न्यायाधीश पी. एस. रविंद्रन, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव अय्यर कृष्ण राव, भूतपूर्व राजदूत बी. मुखर्जी, केरल के भूतपूर्व DGP टी. पी. सेनकुमार, झारखंड के भूतपूर्व DGP निर्मल कौर, कर्नाटक के भूतपूर्व मुख्य सचिव बी. एच. अनिलकुमार, आर्मी के भूतपूर्व ले. जनरल डी. पी. वत्स, मेजर जनरल बी. सी. खरबंदा, कर्नाटक के अतिरिक्त DGP भास्कर राव आदीने भाजप की सदस्यता ग्रहण कर सत्ता का लाभ भी उठाया है, और अब भी उठा रहे है.
      इनमे से कुछ राष्ट्रीय समलैंगिक स्वयंसेवक संघ के भी सदस्य बन चुके है, जो संघ देश के कानून के दायरे मे भी नहीं है. प्रभात शुक्ला,टी. अनिल, विरेंद्र गुप्ता ये भूतपूर्व उच्चायुक्त थे. अब वो समलैंगिक संघ के सदस्य बनकर देश मे नफरत का माहोल बना रहे है. भूतपूर्व आय. टी. आयुक्त अशोक मित्तल ये भी इस संघ के अब सदस्य बने है. भूतपूर्व न्यायाधीश हेमंत गुप्ता, आदर्शकुमार गोयल ये भी संघ परिवार के विश्वहिंदू परिषद मे सामिल हुंये है. राहुल गांधी को चिठ्ठी लिखनेवाले सब के तार संघ, भाजप से जुडे है. और सोशल मिडिया पर देश की जनता इन्हे धुंड धुडकर नंगा कर रही है.
   ये चिठ्ठीवीर सेवा निवृती के बाद भाजप और संघ मे सामिल होकर सत्ता के लाभार्थी बने है. भ्रष्ट्राचारी है और उससे बचने के लिये भाजप के लिये काम कर रहे है. ब्रिटिश सरकार को १३ माफीनामे लिखनेवाले और पेन्शन ले के ब्रिटिशों की मदत करनेवाले सावरकर के ये चिठ्ठीवीर वारसदार बने है.
    
 मोदी दुसरी और तिसरी बार वोट चोरी से ही प्रधानमंत्री बने…..!
 
           राहुलजी ने चुनाव आयोग को सबूत के साथ आरोप के पिंजरे मे खडा किया है. उनके आरोपों का जबाब देने की क्षमता ना संघ, ना भाजपा मे है. ना चुनाव आयोग मे. मोदी की दलाली करनेवाले गोदी मिडिया को भी देश की जनता नंगा करके धो रही है. ऐसे मे संघ और मोदीने अपनी लाभार्थी टीम २७२ उतार दी. पर डाव उलटा पड गया. इसमे संघ, भाजप और मोदी फस गया.. अगर ये चिठ्ठी लिखनेवाले इमानदार रहते. उन्हे सच मे फिक्र रहती तो वो राहुल गांधी को समर्थन देनेवाली चिठ्ठी लिखते. राहुल गांधीने चुनाव आयोग को सबूतो के साथ चोर कहा. चुनाव आयोग और भाजप का गठबंधन है. नरेंद्र मोदी २०१९ और २०२५ मे वोट चोरी करके ही दुसरी और तिसरी बार प्रधानमंत्री बने, ये आरोप राहुल गांधी तथ्य और सबुतो के साथ कर रहे है. मोदी वोट और चुनाव चोर भी है, यह नारा अब इस देश के करोडो लोगों बना है. इस वोट और चुनाव चोरी के वजह देश के नागरिकों को भारतीय संविधान दिया मतदान के मौलिक अधिकार का हनन हो रहा है. देश का लोकतंत्र, लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान को खतरा पैदा हो रहा. यह निश्चित चिंता का विषय है. और देश के एकता और अखंडता कायम रखने का भी. 
           अगर देश की चिंता करनी थी, तो यह २७२ लोग जो खुद्द को प्रतिष्ठित समज रहे है, वो वोट चोरी और चुनाव चोरी के विरुद्ध खडे रहते. चुनाव आयोग से सवाल करते . मोदी से सवाल करते. और राहुल गांधी के मोहिम मे सामिल होते.  राहुल गांधीने चुनाव आयोग को सबूतो के साथ सवाल पुछा है की, एक छोटे से कमरे मे ८० मतदाता कैसे हो सकते. शून्य पत्ते पर मतदाता सूची मे हजारो नाम कैसे दर्ज किये गये ? SIR के अंतर्गत जिंदा मतदाता को मृत्य घोषित कर उसका नाम कैसे का काटा गया ? एक ही आदमी दिल्ली, हरियाना और बिहार मे वोट कैसे कुछ ही महिनों के अंदर दे सकता है ?  क्या चुनाव आयोग को राहुल गांधी ने पुछे यह सवाल देशद्रोह के श्रेणी मे आते है ? की मतदान करने का मतदातायों का मौलिक अधिकार छिननेवाला चुनाव आयोग देश विरोधी है ? चुनाव चोरी और वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी देश विरोधी है ? यह फैसला करने का समय आया है. इस कठीण समय मे कोन देश के साथ और कोन देश के विरुद्ध है ? यह देश की १४० करोड जनता देख रही है. और यह २७२ भ्रष्ट्राचारी बडे अधिकारी रहे चोरोंके साथ खडे है. 
    
  आज देश के लुटेरे और बेईमान सत्ता के साथ खडे है….!
 
       राकेश सिन्हा भाजप और समलैंगिक संघ का नेता है. उसने हरियाणा, फिर दिल्ली और अब बिहार चुनाव मे भी वोट डाला. यह देश विरोधी नीच नीच कृत्य नहीं है. बिहार विधानसभा चुनाव मे ५,००, २९,८८० कुल वोट पडे. लेकीन ५,०२,९७,५५३ वोटों गिनती हुयी. २,६७,६७३ वोट कहा से आये और कहा गये ? क्या यह सवाल चुनाव आयोग से पुछ्ना देशद्रोह है ? लोकतंत्र को कमजोर करनेवाला है ? की इस जादा वोट की चोरी करनेवाला चुनाव आयोग और करनेवाला मोदी देशद्रोही है ? इसलिये चुनाव आयोग पर सवाल उठ रहे है. और जो इस देश पर प्रेम करते है, जिनकी संविधान और लोकतंत्र पर निष्ठा है, वो सवाल जरुर करेंगे. जो संघी, है, जो भाजपाई है, जो देश के लुटेरे है, वो देश विरोधी है. चुनाव के ठीक पहिले चुनाव आयोगाने SIR का हवाला देकर कहा बिहार मे ७ करोड ४२ लाख मतदाता है. पर जब चुनाव प्रक्रिया सुरू हुई तब ये आकडा बढकर ७ करोड, ४५ लाख २६ हजार हो गया. SIR होने के बाद ये ३ लाख २६ हजार वोट कैसे बढे ? यह सवाल करना देश के साथ बेइमानी करना नहीं है, बल्की जो यह सवाल नहीं करते, और सवाल करनेवालों से सवाल करते है, वो बेईमान है. और यह २७२ पहिली श्रेणी के बेईमान है. इसलिये इस समय ये मोदी के साथ खडे है. यह २७२ यही देशद्रोही है. अब इनकी पोल खुल रही है.
 
जयभीम ! जय संविधान….!!
 
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राहुल गायकवाड,
प्रवक्ता, महासचिव समाजवादी पार्टी,
महाराष्ट्र प्रदेश
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