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*औरंगाबादमध्ये वंचितचा जश्न-ए-ईद मिलन, विविध धार्मिक संघटनांच्या प्रतिनिधित्वासह भव्य आयोजन*

औरंगाबादमध्ये वंचितचा जश्न-ए-ईद मिलन, विविध धार्मिक संघटनांच्या प्रतिनिधित्वासह भव्य आयोजन

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औरंगाबाद : औरंगाबाद में ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर वंचित बहुजन आघाड़ी द्वारा शहर के एम्पायर लॉन्स में एक भव्य और यादगार ईद मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन केवल त्योहार की खुशियां बांटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने विभिन्न धर्मों और राजनीतिक विचारधाराओं के बीच एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की एक नई मिसाल पेश की। इस कार्यक्रम में मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के साथ-साथ हिंदू, बौद्ध, ईसाई, सिख और अन्य धर्मों के धर्मगुरुओं ने शिरकत की। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की उपस्थिति ने इस मंच को एक साझा सामाजिक मंच बना दिया। 
 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुजात अंबेडकर ने संबोधित करते हुए कहा कि ईद-उल-फितर केवल एक मजहबी त्योहार नहीं बल्कि मानवता का संदेश है। उन्होंने कहा कि हम सभी इस देश के नागरिक हैं और हमारा प्राथमिक कर्तव्य जाति, धर्म और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आपसी भाईचारे को बनाए रखना है। डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने एक ऐसे समाज का सपना देखा था जहाँ हर नागरिक समान हो और एक-दूसरे का सम्मान करे, और आज का यह आयोजन उसी सपने को साकार कर रहा है।
 
मंच से अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। हिंदू धर्मगुरु ने ईद को सबकी खुशी बताया, ईसाई प्रतिनिधि ने भाईचारे को जोड़ने वाला पुल कहा और बौद्ध भिक्षु ने शांति और मैत्री पर जोर दिया। सभी वक्ताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि ऐसे आयोजनों से नफरत की दीवारें गिरती हैं। पार्टी प्रवक्ता तैय्यब ज़फ़र ने कहा कि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और वे चाहते हैं कि दीपावली, ईद, क्रिसमस जैसे सभी त्योहार सब मिलकर मनाएं क्योंकि यही सच्चा भारत है। एम्पायर लॉन्स में कार्यक्रम की शुरुआत कुरान की तिलावत और दुआओं के साथ हुई। सभी मेहमानों ने साथ बैठकर भोजन किया और एक-दूसरे को गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। इस आयोजन ने पूरे महाराष्ट्र में राजनीतिक और सामाजिक एकता की एक अच्छी मिसाल कायम की है। 
 
इस अवसर पर कॉर्पोरेटर जावेद कुरैशी, अमित भुईगळ, अफसर खान, करुणा जाधव, जिला अध्यक्ष रूपचंद गाडेकर, रामेश्वर तायडे बापू, शहर अध्यक्ष मतीन पटेल, पंकज बनसोड़े और पार्टी के अन्य कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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