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संघ, भाजपा कर रही है, धर्म, भगवान, मंदिर और आस्था धंदा…!

संघ, भाजपा कर रही है, धर्म, भगवान, मंदिर और आस्था धंदा…!

अयोध्या में सेना की 13000 एकर जमीन अदानी, रामदेव और रवीशंकर बेची…!

       राम…. हिंदुयों के लिए भगवान है, पूजनिय है,आस्था है. पर संघ, भाजप, विश्व हिंदू परिषद, आखाडे के भगवाधारी साधू, मोहन भागवत, नरेंद्र मोदी, जैन धर्मीय अमित शहा और योगी के लिए एक धंदा मात्र थे भी और है भी. इन धर्म के ठेकेदारों ने जब चाहे राम को धंदा बनाया और धन कमाया. ये धंदा आज भी जोर में सुरु है. अब अयोध्या में सेना की आरक्षित जमीन अदानी, बाबा रामदेव और श्री श्री रवीशँकर को एक दो एकर नही बल्की 13000 हजार एकर जमीन बेच दी. अगर देश के 100 करोड हिंदूयों के दिमाग से भगवान, मंदिर और आस्था का भूत नही उतरा तो, ये धर्म के ठेकेदार काशी, मथुरा, बनारस, केदारनाथ, कैलास पर्वत भी बेच देंगे. देश का हिंदू भ्रमित है भगवान, मंदिर और आस्था के नामपर. पर ठेकेदारों को मालूम है ये सब बकवास है, इसलिए उनको कुछ भी डर नही. भगवान को भी खुलेआम बेचते है.

        संघ, भाजपा केवल धर्म की राजनीती नही कर रही है. वो धर्म, मंदिर, भगवान और आस्था का व्यापार भी कर रही है. इसके लिए कानून तोड रही है, संविधा lन को जला रही है, समाज में नफरत फैला रही है, दलित, अल्पसंख्यांक समुदाय को डरा रही है. और धर्म के आड में देश की संपत्ती बेच रही है, देश के प्रतिकों पे हमला भी कर रही है.

         राम मंदिर के नाम से पिछले कई सालो से देश – विदेश से चंदा जमा किया गया, आस्था के नाम से देशभर से ईट जमा की और उसकी निलामी की गयी. पैसा आया, गायब हुआ. मंदिर बनाने के लिए अडवाणीने रथ यात्रा निकाली. तब लोगों ने उन्हें राम की सोने, चांदी, तांबा, पितलं, पंच धातू की प्रतिमा, मूर्ती दी, अडवाणीने उसे भंगार में बेचा. उससे पैसा कमाया,ये उनके बहु ने खुलेआम मिडिया के सामने बोला है. और हम आस्था में अटके है. कई महान लोगों ने कहा है ” मंदिर में भगवान नही, ब्राह्मण, पुरोहित, पुजारीयों का पेट रहता है. बिल्कुल सही बात. पर हमे समज में नही आती. और ये पाखंडी, ढोंगी हमे धर्म के नामपर लुटते रहे . हमारी आस्था से खिलवाड करते है.
          राम मंदिर के नाम से अयोध्या को बिझिनेस हॅप बनाना सुरु है. आस्था के नाम लोंग दर्शन के लिए अयोध्या आयेंगे. तो बस मंदिर के बगल में ही अदानी,रामदेव, रविशंकर की थोडी दुरी पर लूट के केंद्र खुलेंगे. वहा आस्था नही व्यापार होगा. चीजे बेची जायेंगी. उसमे गोबर और गोमूत्र भी होगा, जो उचे दाम में बेचा जायेगा.अब जिसके नाम से अयोध्या में ये लूट के केंद्र बन रहे है उस राम की बात करते है….. तो कोई राम है ही नही. रामायण, राम एक काल्पनिक कथा और पात्र है. ये बात ललई राम यादव विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकार के एक फैसले से सिद्ध हुआ. पहिले इलाहाबाद कोर्ट और फिर सुप्रिम कोर्ट में भी यह मानते फैसला किया, की राम, रामायण काल्पनिक है. पर यही बात मोदी सत्ता पे आने के बाद…. उसी सुप्रिम कोर्ट ने सबूतो के आधार पर नही पर आस्था के आधार पर अयोध्या को राम जन्म भूमी माना और मंदिर बनाने का रास्ता भी साफ कर दिया. कानून से आस्था के आधारपर फैसला हुआ. अब तब से धर्म के ठेकेदारों का धंदा भी जोर में फलफूल रहा है.
          जब राम मंदिर में राम की प्रतिमा स्थापित हो रही थी. मतलब मूर्ती में जान फुकने का काम हो रहा था. तब अयोध्या के जनता पर बुलडोजर चल रहा था. उनके दुकान, मकान, घर- संसार, धंदा – रोजगार खतम किया जा रहा था. और किया भी. आस्था की किंमत तो देनी ही पडेगी ना. जब राम आये थे, उन्हें मोदी ने लाये थे, तब एक भजन भी बहुत गाया गया. वो भजन था….
      मेरे झोपडी के भाग्य खुल जायेंगे राम आयेंगे !
राम आयेंगे तो अंगणा सजाऊंगी,
         दीप जलाऊंगी, भजन गाऊंगी…!आदी सारे कुछ कुछ. पर क्या कहे… मोदी के राम आये, योगी का बुलडोजर आया, और झोपडी गायब हो गयी.गुप्ता की किराणा दुकान गयी, जैस्वाल की पान की टपरी गायब हो गयी. बहुत कुछ उजडा गया. यह राम मंदिर बनने के बाद की अयोध्या की हालात है.
        अब अयोध्या के आसपास की सब जमीन बेची गयी है. अब उसपर आस्था के नामपर लूट के केंद्र बनेगे. लूट ही धर्म है और लूट ही धर्म का असली मकसद है. जनता तो मूर्ख है ही तो लुटनेवाले शातिर तो फायदा उठायेंगे ही. बाकी मोदी, योगी, भागवत है, तब तक लूट होगगी ही. केवल अयोध्या ही नही जहा आस्था है इन सबको बेच दिया जायेगा. पुरा देश तो बेच दिया है, बस अब आस्था और हिंदूयों की जान तो बची है. उसका भी नंबर आयेंगा. राम आये है, तो यह नंबर भी आयेगा…!
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– राहुल गायकवाड,
(महासचिव, समाजवादी पार्टी, महाराष्ट्र प्रदेश)

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